धर्म रक्षक श्री दारा सिंह को रिहा न करने पर दारा सेना और हिन्दू संगठन हुए नाराज
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 20 अगस्त 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। धर्म रक्षक श्री दारा सिंह को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिहा न करने पर दारा सेना और हिन्दू संगठन नाराज हैं। दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने सर्वोच्च न्यायालय के मीडिया पार्क में पत्रकारों को बताया कि इसी स्वतंत्रता दिवस को भारी बारिस के बावजूद भी हजारों दारा सेना के सदस्य, कार्यकर्ता और हिन्दू संगठन अपने प्यारे दारा भाई को लेने ओडिशा की क्योंझर जिला जेल में पहुंचे थे। इस आशा के साथ कि ओड़िशा सरकार सर्वोच्च न्यायालय में दिये अपने वचन का पालन करते हुए स्वतन्त्रता दिवस पर दारा भाई को रिहा करेगी। किन्तु सभी मायूस हो गये जब दारा भाई को वादे के अनुसार ओडिशा सरकार ने नहीं छोड़ा । दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मुकेश जैन ने पत्रकारों को बताया कि भारतीय दण्ड विधान की धारा 55 आजीवन कारावास के कैदियों को 14 साल से पहले रिहा करने का आदेश देती है। नये कानून नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 474 भी आजीवन कारावास के कैदियों को कम से कम सात साल की सजा काटने के बाद छोडने का आदेश देती है। किन्तु गत् 26 साल से जेल में बन्द धर्मरक्षक श्री दारा सिंह अन्याय के शिकार है। पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए दारा सेना के संरक्षक श्री राम कुमार भारद्वाज ने कहा कि दारा सिंह ने उस नक्सली आतंकवादी अंग्रेज पादरी को मारा था जिसने पुलिस और भारतीय सैनिको को मारने के लिये इंग्लैन्ड के अंग्रेज पादरी पीटर ब्लीच के साथ मिलकर पुरलिया में हवाई जहाज से हथियार गिरवाये थे। दारा सेना के सभी कार्यकर्ताओं की निगाहें 19 अगस्त की सर्वोच्च न्यायालय की सुनवाई पर थी। दारा सेना और हिन्दू संगठनों ने घोर निराशा के बीच में निर्णय लिया है कि यदि दारा भाई को 2 सितंबर को ओड़िशा सरकार और सर्वोच्च न्यायालय ने रिहा नहीं किया तो ओडिशा के क्योंझर ओर मयूरभंज जिले बन्द रखे जायेंगे और ओडिशा की जनता सड़को पर उतर कर तांडव नृत्य करेग। जिसकी जिम्मेदार कैदियों की रिहाई के कानून का पालन न करने वाली ओड़िशा की सरकार होगी।

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