दीपावली पर घर की सफाई से करें सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का स्वागत
मुख्य द्वार से पूजा स्थल तक स्वच्छता, अनावश्यक सामान से मुक्ति और मन में सकारात्मक विचारों का संकल्प—दीपावली की तैयारी को बनाएं सुखद और सार्थक
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, वीरवार 22 अक्टूबर 2026, लेखिका: वान्या आर्या,आध्यात्मिक एवं हीलिंग मार्गदर्शक, प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। दीपावली केवल दीप जलाने, मिठाइयां बांटने और घर को रोशनी से सजाने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह स्वच्छता, नई शुरुआत, सकारात्मक सोच और रिश्तों में प्रेम का संदेश भी देता है। इस पर्व पर घर की सफाई को विशेष महत्व दिया जाता है। साफ-सुथरा और व्यवस्थित घर न केवल सुंदर दिखाई देता है, बल्कि दैनिक जीवन को भी अधिक सहज और सुखद बनाता है। आध्यात्मिक दृष्टि से दीपावली को पुराने बोझ को छोड़कर नई ऊर्जा और आशा का स्वागत करने का अवसर माना जा सकता है। इसलिए इस बार सफाई को केवल काम समझने के बजाय इसे अपने घर, मन और जीवन को व्यवस्थित करने की एक सकारात्मक प्रक्रिया बनाएं।
1. मुख्य द्वार से करें शुरुआत : घर का मुख्य द्वार मेहमानों के स्वागत का पहला स्थान होता है। दीपावली की सफाई की शुरुआत यहीं से करें। दरवाजे, खिड़कियां, प्रवेश मार्ग और आसपास की जगह को अच्छी तरह साफ करें। दरवाजे पर आकर्षक रंगोली बनाएं और सुरक्षित स्थान पर दीपक जलाएं। भारतीय परंपरा में मुख्य द्वार को शुभता और स्वागत का प्रतीक माना जाता है। साफ-सुथरा प्रवेश द्वार घर में आने वाले हर व्यक्ति को अपनापन और सकारात्मकता का एहसास कराता है।
2. अनावश्यक सामान को कहें अलविदा : हमारे घरों में अक्सर पुराने कपड़े, टूटे बर्तन, अनुपयोगी सजावटी वस्तुएं और बेकार कागजात जमा होते रहते हैं। दीपावली इन चीजों को छांटने और घर को व्यवस्थित करने का अच्छा अवसर है। उपयोगी वस्तुओं को सही स्थान पर रखें, अच्छी स्थिति वाले अतिरिक्त कपड़ों और सामान को जरूरतमंद लोगों को देने पर विचार करें तथा अनुपयोगी वस्तुओं का उचित तरीके से निपटान करें। इससे घर में जगह बनेगी और सफाई करना आसान होगा। याद रखें, नई शुरुआत के लिए हर पुरानी वस्तु को फेंकना जरूरी नहीं है। जरूरी यह है कि हम उपयोगी चीजों को सहेजें और अनावश्यक बोझ को कम करें।
3. पूजा स्थल की स्वच्छता का रखें विशेष ध्यान : दीपावली पर घर के मंदिर और पूजा स्थल की सफाई का विशेष महत्व होता है। देवी-देवताओं की मूर्तियों और तस्वीरों को सावधानीपूर्वक साफ करें। पूजा की चौकी, आसन, दीपक, घंटी और पूजा सामग्री को व्यवस्थित रखें। पूजन से पहले आवश्यक सामग्री की सूची तैयार कर लें, ताकि अंतिम समय में जल्दबाजी न हो। पूजा स्थल पर साफ वस्त्र, ताजे फूल और उचित प्रकाश व्यवस्था रखें। दीपक जलाते समय आसपास ज्वलनशील वस्तुएं न रखें और सुरक्षा का ध्यान रखें। स्वच्छ पूजा स्थल मन को एकाग्र करने और शांत वातावरण बनाने में सहायक हो सकता है।
4. रसोई और घर के कोनों की अनदेखी न करें : दीपावली की सफाई में रसोई, अलमारियों, स्टोर रूम और फर्नीचर के पीछे की जगहों पर भी ध्यान देना चाहिए। रसोई में रखे खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट जांचें और खराब या दूषित सामग्री को हटा दें। डिब्बों, बर्तनों और अलमारियों को साफ करके व्यवस्थित रखें। फ्रिज, सिंक और कचरा रखने वाले स्थान की सफाई भी जरूरी है। धूल जमा होने वाले कोनों, पंखों और खिड़कियों को साफ करें। सफाई करते समय जरूरत के अनुसार दस्ताने पहनें और अलग-अलग रसायनों को आपस में मिलाने से बचें। एक साफ रसोई परिवार के स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए महत्वपूर्ण है। सफाई का काम एक ही दिन में पूरा करने के बजाय इसे हिस्सों में बांटने से थकान भी कम होगी।
5. प्राकृतिक सुगंध से बनाएं खुशनुमा वातावरण : साफ घर में हल्की और मनभावन सुगंध वातावरण को सुखद बना सकती है। इसके लिए ताजे फूलों, जैसे गेंदे और गुलाब, का इस्तेमाल किया जा सकता है। घर में पर्याप्त हवा और रोशनी आने दें तथा कचरे को समय पर बाहर निकालें।भारतीय लोक-परंपराओं में नमक को नकारात्मकता दूर करने का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, नमक से नकारात्मक ऊर्जा दूर होने का कोई स्थापित वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। यदि कोई इसे अपनी सांस्कृतिक या व्यक्तिगत परंपरा के रूप में अपनाना चाहे, तो ऐसा कर सकता है। वास्तविक स्वच्छता के लिए धूल हटाना, सतहों की सफाई, हवा का उचित आवागमन और नमी को नियंत्रित रखना अधिक महत्वपूर्ण है। सुगंधित मोमबत्तियों, धूप या अगरबत्ती का उपयोग करते समय बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों की सुरक्षा तथा धुएं के प्रति संवेदनशीलता का ध्यान रखें।
6. घर के साथ मन की सफाई भी जरूरी : दीपावली की असली सुंदरता केवल चमकते घर में नहीं, बल्कि शांत मन और प्रेमपूर्ण रिश्तों में भी दिखाई देती है। जिस तरह हम घर से धूल हटाते हैं, उसी तरह अपने मन से पुराने गिले-शिकवे, अनावश्यक तनाव और नकारात्मक विचारों का बोझ कम करने का प्रयास कर सकते हैं। रिश्तों में संवाद बढ़ाएं, अपनों की बात ध्यान से सुनें और जहां संभव हो, गलतफहमियों को दूर करें। स्वयं की गलतियों को स्वीकार करना और दूसरों के प्रति उदारता रखना भी सकारात्मक बदलाव का हिस्सा है। अपने लिए कुछ समय निकालें। कुछ देर शांत बैठें, गहरी सांस लें, प्रार्थना करें या उन बातों को लिखें जिनके लिए आप कृतज्ञ हैं। ऐसे छोटे अभ्यास मन को व्यवस्थित करने और त्योहार का आनंद बेहतर ढंग से लेने में मदद कर सकते हैं।
7. सफाई को बनाएं परिवार की साझा जिम्मेदारी : दीपावली की तैयारी का आनंद तब और बढ़ जाता है, जब पूरा परिवार इसमें भाग लेता है। बच्चों को उनके अनुसार छोटे काम दें, घर के सदस्यों के बीच जिम्मेदारियां बांटें और सफाई के साथ सजावट के लिए भी समय निकालें। पुरानी वस्तुओं को व्यवस्थित करना, रंगोली बनाना, दीये सजाना और घर को रोशनी से सजाना परिवार के साथ बिताए गए यादगार पलों में बदल सकता है। साथ ही, बिजली की झालरों और दीयों का इस्तेमाल सावधानी से करें, ताकि उत्सव सुरक्षित बना रहे।

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