डॉ. उपासना अरोड़ा ने BRICS WBA समिट में महिला स्वास्थ्य संवाद का किया नेतृत्व

BRICS WBA महिला-नेतृत्व विकास समिट 2026 में डॉ. उपासना अरोड़ा ने अलग-अलग देशों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा की कि प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल हेल्थ और AI को जोड़कर महिलाओं के स्वास्थ्य को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शुक्रवार 11 सितम्बर 2026 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), गाज़ियाबाद। यशोदा ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स की मैनेजिंग डायरेक्टर और BRICS WBA हेल्थकेयर वर्किंग ग्रुप की प्रमुख डॉ. उपासना अरोड़ा ने नई दिल्ली में BRICS WBA महिला-नेतृत्व विकास समिट 2026 में महिलाओं के स्वास्थ्य पर एक हाई-लेवल पैनल चर्चा का नेतृत्व और संचालन किया। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए प्राइमरी हेल्थकेयर, डिजिटल हेल्थ और AI को बेहतर तरीके से जोड़ने की बात कही। इनोवेटिंग फॉर वुमन्स हेल्थ: ब्रिजिंग प्राइमरी केयर, टेक्नोलॉजी एंड एक्सेस विषय पर आयोजित इस सेशन में हेल्थकेयर और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, खासकर ग्रामीण और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के तरीकों पर। विशेषज्ञों ने बताया कि तकनीक के बेहतर इस्तेमाल, मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और समय पर इलाज से महिलाओं के स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाया जा सकता है। चर्चा में शुरुआती जांच और बीमारी की पहचान में डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन और AI की भूमिका के साथ-साथ मातृ स्वास्थ्य, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की जरूरत और नियमित फॉलो-अप पर भी जोर दिया गया। डॉ. अरोड़ा ने कहा कि तकनीक तभी सही मायने में असर दिखा सकती है, जब उसे प्रशिक्षित लोगों और मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था का साथ मिले, ताकि मरीजों को जागरूकता और जांच से लेकर इलाज और ठीक होने तक लगातार बेहतर देखभाल मिल सके।

डॉ. अरोड़ा ने कहा यशोदा में हमने देखा है कि समय पर बीमारी की पहचान, विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख और नियमित फॉलो-अप से मरीजों के स्वास्थ्य में बड़ा सुधार हो सकता है, खासकर उन मरीजों के लिए जिन्हें इलाज के अलग-अलग चरणों में समन्वित देखभाल की जरूरत होती है। टेक्नोलॉजी महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी कमियों को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकती है, लेकिन अकेले टेक्नोलॉजी से बदलाव नहीं लाया जा सकता। इसके लिए मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, अच्छी तरह प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और एक प्रभावी फॉलो-अप व्यवस्था की भी जरूरत है, जो महिलाओं को जागरूकता और जांच से लेकर इलाज और स्वास्थ्य-लाभ तक हर चरण में सहयोग दे। जरूरत इस बात की है कि तकनीक, डॉक्टर और स्वास्थ्य सेवाएं एक साथ जुड़ें, ताकि महिलाओं को नई तकनीक का फायदा आसानी से मिले और उन्हें लगातार बेहतर देखभाल मिलती रहे, फिर चाहे वे कहीं भी रहती हों। इस पैनल में भारत, ईरान, रूस और ब्राज़ील से महिला स्वास्थ्य सेक्टर के स्टेकहोल्डर शामिल रहे, जिन्होंने अलग-अलग हेल्थकेयर सिस्टम और क्षेत्रों के अनुभव साझा किए। इस क्रॉस-कंट्री संवाद ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर दृष्टिकोण साझा करने और साझेदारी बढ़ाने की अहमियत पर ज़ोर दिया।

समिट में डॉ. अरोड़ा की भागीदारी हेल्थकेयर वर्किंग ग्रुप के उनके नेतृत्व को और मजबूत करती है।  यह ग्रुप BRICS महिला विकास एजेंडा के तहत महिलाओं के लिए बेहतर प्राथमिक और बचाव आधारित स्वास्थ्य सेवाओं पर काम कर रहा है। उनकी भागीदारी अंतरराष्ट्रीय मंच पर यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स का प्रतिनिधित्व भी करती है, जो बिजनेस, सरकार और हेल्थकेयर सेक्टर को महिला-नेतृत्व विकास के लिए एक साथ लाता है। BRICS वुमन्स बिजनेस अलायंस (WBA) की स्थापना 2020 में ब्रिक्स देशों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए हुई थी; हेल्थकेयर इसके प्रमुख सहयोग विषयों में शामिल है। जनवरी 2026 में भारत ने WBA की अध्यक्षता संभाली।

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