यशोदा मेडिसिटी ने पूरा किया पहला साल
कैंसर केयर और जटिल ट्रांसप्लांट में बनाई पहचान एक साल में 1.20 लाख से अधिक मरीजों का इलाज
4,235 से ज्यादा सर्जरी और 3,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मरीजों को मिली चिकित्सा सेवाएं
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, मंगलवार 27 अक्टूबर 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844),गाजियाबाद। यशोदा मेडिसिटी ने अपने संचालन का पहला वर्ष पूरा कर लिया है। इस दौरान अस्पताल ने उन्नत कैंसर उपचार, लिवर और किडनी ट्रांसप्लांट, जटिल सर्जरी तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलों पर विशेष जोर दिया। अस्पताल के अनुसार, पहले वर्ष में 1.20 लाख से अधिक मरीजों को भर्ती और ओपीडी के माध्यम से चिकित्सा सेवाएं दी गईं, जबकि 4,235 से अधिक सर्जरी की गईं। यशोदा इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर में 8,000 से अधिक मरीजों का उपचार हुआ और 3,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मरीजों ने भी सेवाएं लीं। 26 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उद्घाटित इस अस्पताल ने अपने पहले वर्ष में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए।
फरवरी 2026 में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने अस्पताल के एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर का उद्घाटन किया। एमएमजी जिला अस्पताल के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य गंभीर मरीजों की निगरानी और विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता को बेहतर बनाना है। वहीं, मई में स्थापित समर्पित थैलेसीमिया केयर सेंटर में विशेषज्ञ परामर्श, रक्त चढ़ाने, आयरन केलेशन थेरेपी, जेनेटिक काउंसलिंग और बोन मैरो ट्रांसप्लांट के मूल्यांकन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। अस्पताल ने न्यूरोसाइंसेज, कार्डियक साइंसेज, अंग प्रत्यारोपण, ऑन्कोलॉजी और क्रिटिकल केयर सहित कई विशेषज्ञताओं में अपनी क्षमताएं विकसित की हैं। कैंसर उपचार के लिए आधुनिक रेडिएशन और रेडियोसर्जरी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। अस्पताल को एनएबीएच मान्यता भी प्राप्त हुई है, जो चिकित्सा गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मानकों पर उसके प्रयासों को दर्शाती है। अस्पताल ने उपचार के साथ-साथ आपातकालीन स्थितियों में लोगों की प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर शुरू की गई पहल के तहत 70 से अधिक फिटनेस पेशेवरों को कार्डियक अरेस्ट की पहचान, सीपीआर और आपातकालीन सहायता संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। अक्टूबर में इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रॉमा एंड एक्यूट केयर के सहयोग से करीब 100 पुलिसकर्मियों, फ्रंटलाइन रिस्पॉन्डर्स और समुदाय के सदस्यों को ट्रॉमा फर्स्ट रिस्पॉन्स का प्रशिक्षण दिया गया।
यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने कहा कि दूसरे वर्ष में अस्पताल का लक्ष्य अपनी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करना तथा अधिक मरीजों तक गुणवत्तापूर्ण उपचार पहुंचाना है। समूह की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. उपासना अरोड़ा ने भी सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से साझेदारी, समय पर उपचार और मरीजों की जरूरतों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। अस्पताल की नियोजित क्षमता 1,200 से अधिक बेड, 252 से ज्यादा मॉड्यूलर आईसीयू बेड और 22 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटरों की है। दूसरे वर्ष में अस्पताल का ध्यान विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार, उन्नत उपचार की उपलब्धता बढ़ाने और गाजियाबाद सहित दिल्ली-एनसीआर तथा अन्य क्षेत्रों के मरीजों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर रहेगा।

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