ज़ीस्केलर और भारती एयरटेल ने AI एंड साइबर थ्रेट रिसर्च सेंटर शुरू करने की किया घोषणा

शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शनिवार 21 फरवरी 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। क्लाउड सुरक्षा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी ज़ीस्केलर इंक. ने भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों में से एक भारती एयरटेल (एयरटेल) के साथ मिलकर आज “AI एंड साइबर थ्रेट रिसर्च सेंटर – इंडिया” के शुरुआत की घोषणा की है। यह एक साझा डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा क्षमता को मजबूत करना है। यह दूरसंचार, बैंकिंग और ऊर्जा जैसे देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों, उद्योगों और प्रमुख डिजिटल संपत्तियों की रक्षा करने पर केंद्रित है। साथ ही, यह डिजिटल उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित रखने और भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल वातावरण में भरोसेमंद AI के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए भी समर्पित है। भारत लंबे समय से ज़ीस्केलर के लिए तकनीकी नवाचार और साइबर शोध का प्रमुख केंद्र रहा है। कंपनी की प्रतिभाशाली शोध टीम का बड़ा हिस्सा भारत में ही कार्यरत है। यह नया रिसर्च सेंटर ज़ीस्केलर की मौजूदा गतिविधियों का विस्तार होगा और निजी क्षेत्र, सरकारी संस्थाओं, शिक्षण संस्थानों तथा सरकार के बीच सहयोग के लिए एक राष्ट्रीय मंच के रूप में काम करेगा। यह केंद्र “भारत में, भारत के लिए” (इन इंडिया, फॉर इंडिया) की सोच के साथ तैयार किया गया है, जिसका लक्ष्य राष्ट्र की साइबर रक्षा को मजबूत करना और विकसित भारत तथा एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और डिजिटल रूप से आत्मनिर्भर भविष्य की दिशा में भारत की प्रगति का समर्थन करने के लिए भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं की मजबूत श्रृंखला तैयार करना है।

संस्थापक सदस्यों के रूप में ज़ीस्केलर और एयरटेल, ज़ीस्केलर की अंतर्राष्ट्रीय जानकारी और एयरटेल की स्थानीय संचालन क्षमता को मिलाकर भारत में शोध से प्रतिक्रिया तक की प्रक्रिया को ज्यादा मजबूत और तेज बनाएंगे। ज़ीस्केलर भारत पर केंद्रित एक विशेष थ्रेट रिसर्च टीम तैनात करेगा। यह टीम ज़ीस्केलर जीरो ट्रस्ट एक्सचेंज™ प्लेटफॉर्म का उपयोग करेगी, जो हर दिन 500 अरब से अधिक ट्रांजेक्शन को प्रोसेस करती है, ताकि खतरे से जुड़ी जानकारी हासिल कर भारत के सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों को सुरक्षित किया जा सके। एयरटेल आईओटी और मोबाइल ट्रैफिक पर अपनी गहरी पकड़ की विशेषज्ञता साझा करेगा जिससे संदिग्ध गतिविधियों की तेजी से पहचान हो सकेगी और इकोसिस्टम के हितधारकों के साथ ज्यादा प्रभावी तालमेल बन सकेगा। आगे चलकर सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की अन्य महत्वपूर्ण संस्थाओं को भी इस केंद्र से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

भारती एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा एयरटेल में हमारी प्रतिबद्धता अपने ग्राहकों और देश के डिजिटल ढांचे की सुरक्षा को लेकर रही है। ज़ीस्केलर के साथ यह साझेदारी उसी प्रतिबद्धता का विस्तार है, जिसमें हम अपनी AI क्षमता और व्यापक पैमाने का उपयोग कर देश के बढ़ते डिजिटल तंत्र की रक्षा करेंगे। हम अपने बाजार से जुड़ी खास चुनौतियों पर ध्यान देंगे, ताकि एक अधिक सुरक्षित और मजबूत डिजिटल भारत बनाया जा सके, जहां हर नागरिक और हर संस्थान भरोसे के साथ जुड़ सके और आगे बढ़ सके। हमारे शोध आधारित रोकथाम तंत्र से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शांतिपूर्ण और सुरक्षित संवाद को भी बढ़ावा मिलेगा।ज़ीस्केलर के सीईओ, चेयरमैन और संस्थापक जय चौधरी ने कहा भारत ऐसी आबादी के स्तर पर डिजिटल सिस्टम बना रहा है, जिसकी तुलना कहीं और नहीं है। इतने बड़े लक्ष्य को पुराने फायरवॉल और वीपीएन के माध्यम से सुरक्षित नहीं किया जा सकता, क्योंकि इन्हें हाइपर कनेक्टेड दुनिया के लिए नहीं बनाया गया था। इसके लिए ऐसी आधुनिक जीरो ट्रस्ट संरचना चाहिए, जो शुरुआत से ही सुरक्षित हो भारत जिस पैमाने पर डिजिटल प्रणालियां विकसित कर रहा है, उसे पुराने सुरक्षा साधनों से सुरक्षित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए सुरक्षित ढंग से डिजाइन किया गया आधुनिक जीरो ट्रस्ट ढांचा आवश्यक है। AI और साइबर थ्रेट रिसर्च सेंटर इंडिया के जरिए हम देश के सरकारी और निजी क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए दुनिया के सबसे बड़े सुरक्षा क्लाउड की पूरी ताकत का उपयोग करेंगे। हर दिन 500 अरब से ज्यादा  लेनदेन से मिलने वाली जरूरी जानकारी को स्थानीय अनुभव के साथ जोड़कर हम सिर्फ अपनी तैयारी ही मजबूत नहीं कर रहे हैं, बल्कि सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली नई पीढ़ी को भी इस काबिल बना रहे हैं कि वे हमलावरों से एक कदम आगे रह सकें।

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