रिफ्रेश दशहरा पुरस्कार 2026 हेतु दूसरे चरण के पहले दिन 18 जिलों की 24 रामलीलाओं का हुआ अवलोकन
वरिष्ठ पत्रकारों ने रामलीलाओं के मंचन का किया निरीक्षण, मुख्य निर्णायक संत त्रिलोचन दर्शन दास महाराज की अध्यक्षता वाली पुरस्कार समिति को सौंपा अपना निर्णय
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, मंगलवार 13 अक्टूबर 2026, (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के जिलों में आयोजित हो रही रामलीलाओं की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं मंचीय प्रस्तुतियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित रिफ्रेश दशहरा पुरस्कार 2026 के दूसरे चरण के पहले दिन 18 जिलों की 24 रामलीलाओं का वरिष्ठ पत्रकारों की टीम ने अवलोकन किया। इस दौरान रामलीलाओं में प्रस्तुत धार्मिक प्रसंगों, मंचन की शैली तथा आयोजन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। अवलोकन के बाद वरिष्ठ पत्रकारों ने अपना निर्णय पुरस्कार समिति को सौंप दिया। मीडिया प्रेस क्लब की ओर से आयोजित इस पहल के अंतर्गत रामलीला आयोजनों की परंपरा, भगवान श्रीराम के आदर्शों के प्रचार-प्रसार तथा कलाकारों की मेहनत को सम्मान देने का प्रयास किया जा रहा है। अवलोकन के दौरान श्री नवयुवक रामलीला कमेटी, कश्मीरी गेट (पंजीकृत), राम श्याम धार्मिक मित्र मंडल तथा श्री राम धार्मिक रामलीला कमेटी, त्रि नगर सहित 24 रामलीलाओं का निरीक्षण किया गया। रिफ्रेश दशहरा पुरस्कार 2026 की पुरस्कार समिति मुख्य निर्णायक संत त्रिलोचन दर्शन दास महाराज की अध्यक्षता में कार्य कर रही है। वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा प्रस्तुत निर्णयों के आधार पर समिति पुरस्कार से संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। इस आयोजन का उद्देश्य रामलीला मंचन से जुड़े कलाकारों, आयोजकों और उन सभी लोगों के योगदान को पहचान देना है, जो भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक लालवानी ने बताया कि पिछली रात हुई बारिश के कारण रामलीला आयोजकों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते कुछ स्थानों पर रामलीला का मंचन निर्धारित समय से देरी से प्रारंभ हुआ। इसके बावजूद आयोजकों, कलाकारों और व्यवस्थापकों ने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए कार्यक्रमों को सफल बनाने का प्रयास किया। श्री लालवानी ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक एकता और पारिवारिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। प्रतिकूल मौसम में भी कलाकारों और आयोजकों का समर्पण इस परंपरा के प्रति उनकी आस्था एवं प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रामलीला के दूसरे दिन अधिकांश रामलीलाओं में भगवान श्रीराम के जन्म तथा ताड़का वध जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक प्रसंगों का सुंदर मंचन देखने को मिला। इन प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, धर्म की स्थापना, अधर्म पर विजय और समाज को सदाचार का संदेश देने वाली परंपरा को प्रस्तुत किया गया। रामलीला मंचनों में कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं के माध्यम से धार्मिक कथाओं को जीवंत बनाने का प्रयास किया। वहीं, आयोजन समितियों ने दर्शकों के लिए कार्यक्रमों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में योगदान दिया। वरिष्ठ पत्रकारों की टीम ने विभिन्न रामलीलाओं का अवलोकन कर उनकी प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया और अपने निर्णय पुरस्कार समिति को सौंपे।
रिफ्रेश दशहरा पुरस्कार 2026 के माध्यम से रामलीला आयोजकों और कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर की रामलीला परंपरा को व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। पुरस्कार के लिए विभिन्न जिलों की रामलीलाओं का अवलोकन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक लालवानी ने कहा कि रामलीला के सफल आयोजन में पर्दे के पीछे काम करने वाले कार्यकर्ताओं, कलाकारों, तकनीकी सहयोगियों और आयोजन समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे आयोजनों को सम्मानित करने से उनसे जुड़े लोगों का उत्साह बढ़ेगा और आने वाले वर्षों में रामलीला की परंपरा को और मजबूती मिलेगी। दूसरे चरण के पहले दिन 18 जिलों की 24 रामलीलाओं का अवलोकन पूरा होने के साथ ही रिफ्रेश दशहरा पुरस्कार 2026 की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। अब पुरस्कार समिति वरिष्ठ पत्रकारों द्वारा प्रस्तुत निर्णयों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। इस पहल से धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को प्रोत्साहन मिलने और रामलीला से जुड़े कलाकारों तथा आयोजकों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

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