विष्णु अवतार रामलीला मैं विधायक अजय महावर ने किया राम-केवट संवाद और भरत मिलाप की लीला का उद्घाटन
शास्त्री पार्क में भगवान श्रीराम की लीलाओं का भावपूर्ण मंचन, दशरथ मरण के प्रसंग ने दर्शकों को कराया पारिवारिक प्रेम और त्याग का एहसास
शब्दवाणी सम्माचार टीवी, शुक्रवार 16 अक्टूबर 2026 (प्रबंध सम्पादकीय श्री अशोक लालवानी 8803818844), नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के शास्त्री पार्क में आयोजित विष्णु अवतार रामलीला कमेटी की लीला का उद्घाटन विधायक श्री अजय महावर जी द्वारा किया गया। धार्मिक आस्था और उत्साह से जुड़े इस आयोजन में भगवान श्रीगणेश की आरती के साथ रामलीला का शुभारंभ हुआ। इसके बाद रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया गया, जिसमें श्रीराम-केवट संवाद, राजा दशरथ के निधन तथा भरत मिलाप की लीला प्रमुख आकर्षण रहे। कार्यक्रम के शुभारंभ के साथ ही रामभक्तों के बीच भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, पारिवारिक संबंधों, त्याग, समर्पण और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश प्रस्तुत किया गया। विष्णु अवतार रामलीला कमेटी, शास्त्री पार्क, दिल्ली की ओर से आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक श्री अजय महावर ने किया। भगवान श्रीगणेश की आरती के पश्चात रामलीला की प्रस्तुतियां आरंभ हुईं। भारतीय परंपरा में किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान श्रीगणेश की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी परंपरा का पालन करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
रामलीला में श्रीराम और केवट के बीच संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। यह प्रसंग भगवान श्रीराम की विनम्रता, करुणा और भक्तों के प्रति प्रेम को दर्शाता है। केवट की निष्काम सेवा और श्रीराम के प्रति उसकी श्रद्धा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सच्ची भक्ति में पद, प्रतिष्ठा और सामाजिक भेदभाव का कोई स्थान नहीं होता। प्रेम, विश्वास और समर्पण ही भक्त और भगवान के संबंध की वास्तविक पहचान हैं। रामलीला में राजा दशरथ के निधन की लीला ने दर्शकों को भावुक कर दिया। भगवान श्रीराम के वनवास के कारण पुत्र-वियोग में व्याकुल राजा दशरथ की पीड़ा को इस प्रसंग के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। यह घटना माता-पिता और संतान के बीच गहरे प्रेम तथा पारिवारिक रिश्तों की संवेदनशीलता को उजागर करती है। भरत मिलाप रामलीला का एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक प्रसंग रहा। भगवान श्रीराम और भरत के मिलन के माध्यम से भाईचारे, प्रेम, त्याग और पारिवारिक एकता का संदेश दिया गया। भरत का अपने बड़े भाई श्रीराम के प्रति सम्मान और निष्ठा भारतीय संस्कृति में आदर्श भाई के स्वरूप को प्रस्तुत करता है। यह प्रसंग दर्शाता है कि सत्ता और व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर परिवार, कर्तव्य और मर्यादा को महत्व देना ही सच्चे चरित्र की पहचान है। विष्णु अवतार रामलीला कमेटी, शास्त्री पार्क, दिल्ली के महामंत्री दिवाकर पाण्डेय ने बताया कि रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों और रामायण के प्रेरणादायक प्रसंगों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में श्रीराम-केवट संवाद, दशरथ मरण और भरत मिलाप की लीलाओं का मंचन किया गया। रामलीला भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को सत्य, मर्यादा, त्याग, प्रेम, कर्तव्य और पारिवारिक एकता जैसे मूल्यों से परिचित कराने का अवसर मिलता है। शास्त्री पार्क में आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम भी इन्हीं आदर्शों को समाज तक पहुंचाने की दिशा में एक प्रयास है।

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